गणतंत्र दिवस समारोह क्यों, कब और कैसे मनाया जाता है? Why, when, and how the Republic Day celebration is celebrated?

Why, when, and how the Republic Day celebration is celebrated? गणतंत्र दिवस समारोह क्यों, कब और कैसे मनाया जाता है?

भारत इस बार (2021) अपना 72 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. आज हम आपको यहां गणतंत्र दिवस से जुड़े बहुत ही महत्वपूर्ण और बुनियादी सवालों की जानकारी दे रहे हैं.

भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाया जाता है, इस दिन को पूरे देश में सरकारी अवकाश (Government holiday) के रूप में घोषित किया जाता है. 

कई लोगों के मन में इससे जुड़े कई सवाल होंगे, जैसे कि गणतंत्र दिवस क्या है, इसे क्यों मनाया जाता है, गणतंत्र दिवस कैसे मनाया जाता है, आदि. आज इस लेख में, हम भारत के गणतंत्र दिवस से जुड़े इन महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दे रहे हैं.

गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?

भारत की संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान को स्वीकार किया था, जो भारत का सर्वोच्च कानून है. जबकि भारत का संविधान पूरे देश में 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था, जिसके अनुसार भारत को एक लोकतांत्रिक, संप्रभु और गणतंत्र देश घोषित किया गया था. इस अवसर पर, भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. 

26 जनवरी 1950 को देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के साथ झंडा फहराया और भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया. हमारा संविधान देश के नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी सरकार का चुनाव करने का अधिकार देता है.

‘26 जनवरी’ के दिन को ही क्यों चुना गया?

26 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि 26 जनवरी 1929 को कांग्रेस ने अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित किया था.

दिसंबर 1929 में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का एक अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में लाहौर में आयोजित किया गया था, जिसमें यह घोषणा की गई थी कि यदि ब्रिटिश सरकार ने 26 जनवरी 1930 तक भारत को अधिराज्य (Dominion) का पद नहीं दिया, तो भारत खुद को पूरी तरह से स्वतंत्र घोषित कर देगा.

26 जनवरी 1930 तक, जब ब्रिटिश सरकार ने कोई निर्णय नहीं दिया, तो कांग्रेस ने उस दिन भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निर्धारण की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन शुरू किया. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के इस लाहौर अधिवेशन में पहली बार तिरंगा झंडा फहराया गया था, लेकिन साथ ही, एक और महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया कि हर साल 26 जनवरी को पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में मनाया जाएगा. 

इस तरह 26 जनवरी अनाधिकारिक रूप से भारत का स्वतंत्रता दिवस बन गया था. उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक, 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता था.

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गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के बीच क्या अंतर है?

गणतंत्र दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इस दिन भारत एक गणतंत्र देश बना था. गणतंत्र दिवस पर पूरे देश में भारत का संविधान लागू हुआ था. जबकि स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर, भारत को अंग्रेजों की लंबी गुलामी से आज़ादी मिली थी. इसलिए, स्वतंत्रता दिवस हर साल 15 अगस्त और गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है.

हम इस वर्ष कौन सा गणतंत्र दिवस मना रहे हैं?

भारत ने 26 जनवरी 1950 को अपना पहला गणतंत्र दिवस मनाया था. तदनुसार, 2021 में 72 वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. भारत का संविधान इसी दिन लागू हुआ था.

क्या गणतंत्र दिवस पर सार्वजनिक छुट्टी होती है?

इसका जवाब ‘हां’ है, इस दिन भारत में सभी सरकारी और निजी संस्थान बंद होते हैं. इस दिन को भारत में सार्वजनिक अवकाश (Government holiday) घोषित किया जाता है.

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गणतंत्र दिवस समारोह कैसे मनाया जाता है?

गणतंत्र दिवस पूरे देश में विशेष रूप से भारत की राजधानी दिल्ली में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) फहराया जाता है और उसके बाद एक साथ खड़े होकर राष्ट्रगान गाया जाता है. फिर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) को सलामी दी जाती है.

इस अवसर के महत्व को चिह्नित करने के लिए, हर साल इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन (राष्ट्रपति का निवास) राजधानी नई दिल्ली में राजपथ पर एक भव्य परेड आयोजित की जाती है. परेड का उद्घाटन करते हुए, देश के प्रधानमंत्री इंडिया गेट पर स्थित ‘अमर जवान ज्योति’ पर पुष्पांजलि अर्पित करते हैं. इसके बाद शहीद सैनिकों की याद में दो मिनट का मौन रखा जाता है. यह आयोजन हमें देश के उन सभी शहीदों के निस्वार्थ बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने आज़ादी के संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति दी और विदेशी आक्रमणों के खिलाफ कई लड़ाइयां जीतीं. 

इसके बाद, प्रधान मंत्री, अन्य व्यक्तियों के साथ, राजपथ पर स्थित मंच पर आते हैं, राष्ट्रपति बाद में इस अवसर के मुख्य अतिथि के साथ आते हैं.

भारतीय सेना, वायु सेना, नौसेना, आदि की विभिन्न रेजिमेंटें इस भव्य परेड में भाग लेती हैं. इस समारोह में भाग लेने के लिए देश के सभी हिस्सों से बच्चे राष्ट्रीय कैडेट कोर और विभिन्न स्कूलों से आते हैं, समारोह में शामिल होना एक सम्मान की बात होती है.

परेड में विभिन्न राज्यों के प्रदर्शन भी होते हैं जिन्हे ‘झांकी’ कहा जाता है, झांकी में हर राज्य के लोगों की विशेषता, उनके लोक गीत और कला को प्रस्तुत किया जाता है. विभिन्न राज्यों और विभागों की रंगबिरंगी झाकियां दर्शकों का मन मोह लेती है. हर एक झांकी भारत की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करती है. परेड और जुलूस राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित किए जाते हैं और देश के हर कोने में करोड़ों दर्शकों द्वारा देखे जाते हैं.

आपको गणतंत्र दिवस का टिकट कहां से प्राप्त होगा?

टिकट केवल चुनिंदा स्थानों पर ही बेचे जाते हैं. आमतौर पर, आप गणतंत्र दिवस परेड के लिए सेना भवन, उत्तरी ब्लॉक, लाल किला, संसद भवन, जंतर-मंतर, शास्त्री भवन, प्रगति मैदान, जामनगर हाउस आदि से टिकट प्राप्त कर सकते हैं. ध्यान दें कि इन स्थानों को समय-समय पर बदला जा सकता है.

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