झुमरी तलैया कहां है? क्या यह वास्तविक है या काल्पनिक है? – Where is Jhumri Telaiya? Is it real or imaginary?

Where is Jhumri Telaiya? Is it real or imaginary? - झुमरी तलैया कहां है? क्या यह वास्तविक है या काल्पनिक है?

दोस्तों, आपने झुमरी तलैया (Jhumri Telaiya) नाम को किसी बातचीत, साहित्यिक किताबों में या फ़िल्मी गानों और डायलॉग में जरूर सुना होंगा; क्योंकि बॉलीवुड ने भी इसे लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है. मजाक मजाक में चर्चा में रहने वाला यह निराला नाम कोई काल्पनिक नहीं बल्कि वास्तविक नाम है. झुमरी तलैया नाम का जिक्र भारतीय फिल्मों में दशकों से होता रहा है? और तो और आम लोग भी यह नाम अपने उदाहरणों और गपशप में लेते हैं. हालांकि बहुत कम लोगों को ही इस अनूठे नाम वाले शहर के बारे में पता है. 

झुमरी तलैया कहां है? क्या यह वास्तविक है या काल्पनिक है? – Where is Jhumri Telaiya? Is it real or imaginary?

झुमरी तिलैया भारत के पूर्वी हिस्से में स्थित है और यह झारखंड प्रांत के कोडरमा जिले का एक छोटा सा लेकिन मशहूर कस्बा है. यह जान ले की इस कस्बे का नाम वैसे तो झुमरी तिलैया है, लेकिन यह झुमरी तलैया के नाम से भी प्रसिद्ध है. यहां की आबादी लगभग 70 हजार के आसपास है और स्‍थानीय निवासी लोग मूलतः: ‘मगही’ भाषा बोलते हैं. झुमरी तलैया कोडरमा जिला मुख्यालय से करीब छ: किमी दूर स्थित है.

झुमरी तलैया का नाम कैसे पड़ा? How was Jhumri Telaiya named?

दरअसल, झुमरी झारखंड राज्य में स्थित एक गांव है, जबकि तिलैया शब्द हिन्दी शब्द ताल से लिया गया है जिसका मतलब है तालाब. ऐसा भी कहा जाता है कि झुमरी एक स्थानीय लोक-नृत्य भी है. कुछ लोगों का यह भी मानना है कि इसकी उत्पत्ति ‘झुरी’ से हुई है जो ब्रश (Brush) के लिए स्थानीय ‘मगही’ भाषा का शब्द है, जिसका उपयोग गांव में खाना पकाने के ईंधन के रूप में भी किया जाता है. एक और सिद्धांत यह दर्शाता है कि झुमरी तलैया नाम दो अलग-अलग गांवों झुमरी और तिलैया बांध के बीच स्थित होने के कारण लिया गया है.

झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों में बहने वाली दामोदर नदी में आने वाली महा विनाशकारी बाढ़ को रोकने के लिए बनाए गए ‘तलैया’ बांध के कारण ‘झुमरी’ नाम के साथ ‘तलैया’ जुड़ा है. इस भव्य बांध की ऊंचाई करीब 100 फीट और लंबाई 1200 फीट है. इसका विशाल जलाशय करीब 36 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है. काफी हरा-भरा और प्रफुल्लित क्षेत्र होने के कारण यह एक अच्‍छे पिकनिक स्थल के रूप में भी जाना जाता है.

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झुमरी तलैया का इतिहास (Jhumri Telaiya History)

झुमरी तलैया कभी अपनी ‘अभ्रक’ के खदानों के लिए प्रसिद्ध था. 1890 में, कोडरमा शहर के आसपास रेलवे ट्रैक को बिछाने के काम में, अभ्रक खदानों की खोज हुई थी, इसके आस-पास के क्षेत्र से उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले अभ्रक निकाले गए हैं. सी.एच. प्राइवेट लिमिटेड, छोटू राम भदानी और होरिल राम भादाणी अभ्रक की खानों के अग्रदूत थे, जिन्हें माइका किंग भी कहा जाता था. उनके समय में अभ्रक खनन और निर्यात में उनका सबसे बड़ा हिस्सा था. समृद्ध अभ्रक व्यापारियों ने झुमरी तलैया में कई शानदार इमारतों का निर्माण किया. 1960 के दशक के उत्तरार्ध में झुमरी तलैया के सड़को पर मर्सिडीज और पोर्श जैसी शानदार कारें दिखाई देना एक आम बात थीं. झुमरी तलैया में एक समय में सबसे अधिक फोन लाइन और कॉल करने का रिकॉर्ड भी है.

झुमरी तलैया के पर्यटन स्थल और पिकनिक स्थल (Tourist places and picnic spots of Jhumri Telaiya)

झुमरी तलैया के आसपास के पर्यटन स्थलों में झरना कुंड, राजगीर, नालंदा और हजारीबाग राष्ट्रीय उद्यान, सोनभंडार गुफाएं (यहां मौर्यकालीन खजाने होने की अफवाहें हैं), सम्मेद शिखर जैन तीर्थ, ध्वजधारी पहाड़ी, सतगावां पेट्रो फॉल्स, संत परमहंस बाबा की समाधि, मकमरो पहाडिया और मां चंचला देवी शक्तिपीठ जैसे कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल शामिल है. यहां स्थित ‘तिलैया बांध’ के कारण काफी सारा इलाका हरे-भरे पेड़ों से घिरा हुआ है. यह पिकनिक के लिए भी एक आदर्श स्थान है.

झुमरी तलैया किस लिए प्रसिद्ध है? What is Jhumri Telaiya famous for?

झुमरी तलैया को अक्सर एक काल्पनिक स्थान माना जाता है, लेकिन इसकी प्रसिद्धि का मुख्य कारण यह है कि एक समय में यहां अभ्रक खदानों के अलावा बड़ी संख्या में रेडियो-प्रेमी श्रोताओं की बड़ी संख्या भी है. झुमरी तलैया के रेडियो-प्रेमी श्रोता विविध भारती के फरमाइशी कार्यक्रमों में सबसे ज्यादा चिट्ठियां लिखने के लिए जाने जाते हैं.

झुमरी तलैया की सम्पन्नता (The prosperity of Jhumri Telaiya)

झुमरी तलैया में लगभग दो दर्जन स्कूल और कॉलेज हैं. उनमें से एक सबसे प्रसिद्ध तलैया सैनिक स्‍कूल (Telaiya Military School) भी है. तिलैया के आसपास कई शैक्षणिक संस्थान है, यहां 12 प्राथमिक विद्यालय, 8 उच्च विद्यालय, 5 माध्यमिक विद्यालय और 2 उच्च माध्यमिक विद्यालय और 4 डिग्री कॉलेज हैं.

यहां का तिलैया बांध भी काफी प्रसिद्ध है. इस बांध का ऐतिहासिक महत्व भी है क्योंकि यह आजादी के बाद देश में निर्मित सबसे पहला बांध है. तिलैया बांध दामोदर घाटी निगम द्वारा बनाया गया पहला बांध और जलविद्युत स्टेशन है. इस बांध का उद्घाटन तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था. यह बांध 1200 फीट लंबा और 99 फीट ऊंचा है. तिलैया जलाशय 36 वर्ग किलोमीटर विशाल क्षेत्र में फैला है. इस बांध का मुख्य उद्देश्य बाढ़ को रोकना था. यहां के जलविद्युत स्टेशन की क्षमता 4 मेगावाट है.

इस शहर की ‘कलाकंद’ नामक मिठाई भी बहुत प्रसिद्ध है.

झुमरी तलैया कैसे पहुंचे? How to reach Jhumri Telaiya?

कोडरमा रेलवे स्टेशन झुमरी तलैया पहुंचने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन है जो नई दिल्ली-कोलकाता रेल मार्ग पर स्थित है. चूंकि यह स्टेशन दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर स्थित है, इसलिए यह राजधानी एक्सप्रेस सहित दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, भुवनेश्वर, आदि जैसे प्रमुख शहरों से रेलगाड़ियों द्वारा जुड़ा हुआ है. भारी रेलवे यातायात के कारण इसे जंक्शन में परिवर्तित किया जा रहा है. यह बसों, जीपों और तिपहिया वाहनों द्वारा आसपास के शहरों और गांवों से जुड़ा हुआ है.

निकटतम हवाई अड्डा रांची (झारखंड) 162 किमी है. पटना (बिहार) इससे 175 किमी दूर स्थित है.
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 जो झुमरी तलैया से निकलता है, रांची-पटना रोड कहलाता है. यह ग्रैंड ट्रंक रोड से 23 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. कोडरमा घाटी अपने यू-आकार के घुमावों के लिए प्रसिद्ध है और इसे जिलबी घाटी (जलेबी घाटी) के नाम से भी जाना जाता है.

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