फेंग शुई के मूल सिद्धांत कौन से हैं? (What are the basic principles of Feng Shui?)

What are the basic principles of Feng Shui?

फेंग शुई (Feng Shui) को चीनी भूविज्ञान के रूप में भी जाना जाता है, यह प्राचीन चीन में विकसित एक पारंपरिक साधना है, जो अपने आसपास के वातावरण में मौजूद ऊर्जा बलों के साथ व्यक्तियों को समरूप बनाने में मदत करती है. फेंग शुई को आभासी विज्ञानं भी माना जाता है. चीनी भाषा में फेंग का अनुवाद “हवा” होता है और शुई का मतलब “पानी”  होता है. 

फेंग शुई चीनी तत्त्वविज्ञान की पांच कलाओं में से एक है, जिसे मुखलक्षण-निरूपण (सूत्रों और गणनाओं के माध्यम से दिखावे का अवलोकन) के रूप में वर्गीकृत किया गया है. फेंग शुई साधना “अदृश्य शक्तियों” के संदर्भ में वास्तु-विद्या पर तर्क करती है जो ब्रह्मांड, पृथ्वी और मानवता को एक साथ बांधती है.

फेंग शुई के मूल सिद्धांत कौन से हैं?
(What are the basic principles of Feng Shui?)
1) हवा और पानी

फेंग शुई की साधना हमे हमारे आसपास निर्मित वातावरण और प्राकृतिक दुनिया के सिद्धांतों के साथ अनुरूप बनाये रखने का तरीका है. चीनी भाषा में फेंग का अनुवाद “हवा” होता है और शुई का मतलब “पानी”  होता है. यह बोध एक प्राचीन चीनी कविता से प्राप्त होता है और यह दर्शाता है कि यदि हम अपने चारों ओर के वातावरण के साथ जुड़ते हैं और इसके साथ समरूप होकर जीवन बिताते हैं तो मानव जीवन कैसे आदर्शपूर्ण हो सकता है.

चीनी संस्कृति में इसे ताओ या डाओ (Tao or Dao) कहा जाता है, ताओ या डाओ एक चीनी शब्द है जो “पथ”, “मार्ग”, या कभी-कभी “सिद्धांत” या “समग्र विश्वास” को दर्शाता है. ताओ प्रकृति का तरीका है. इसलिए, फेंग शुई के मूल सिद्धांत प्रकृति की अवलोकन से आते हैं. 

फेंग शुई के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतो में प्रभावशाली स्थिति, ब्रह्मांड विज्ञान में इस्तेमाल किए जाने वाले आठ प्रतीक जिसे “बगुआ” (Bagua) या “पा कुआ” (Pa Kua) कहा जाता हैं, और ब्रम्हांड के पांच तत्व शामिल हैं. 

२) प्रभावशाली स्थिति

हम “प्रभावशाली स्थिति” से शुरू करते हैं क्योंकि इसे लागू करना और समझना सबसे आसान है. फेंग शुई में “प्रभावशाली स्थिति” नामक एक संकल्पना का उपयोग किया जाता है जिससे आपको अपने जीवन के स्वामी बनने और अपने व्यक्तिगत जीवन को सुरक्षित महसूस करने में मदद मिलती है. संक्षेप में, “प्रभावशाली स्थिति” आपके साधन-सामग्री या घरेलू सामान के रख-रखाव का वर्णन करती है जो किसी व्यक्ति को आराम करने में सक्षम बनाती है, चाहे वह कुर्सी पर बैठी हो या बिस्तर पर लेटी हो, “प्रभावशाली स्थिति” में सुनियोजित चीजें व्यक्ति के जीवन में सुख-समाधान लाती है. 

3) फेंग शुई बगुआ मानचित्र
फेंग शुई बगुआ मानचित्र

बगुआ, फेंग शुई साधना में उपयोग किया जाने वाला ऊर्जा मानचित्र है जो आपके घर के फर्श की रचना पर आधारित है. बगुआ का चीनी भाषा में समाइक शब्द “आठ क्षेत्रों” वाला होता है, इसलिए इसमें एक केंद्र के आसपास आठ क्षेत्र शामिल होते हैं. प्रत्येक क्षेत्र हमारे विभिन्न जीवन परिस्थितियों से संबंधित होता है, और केंद्र समग्र स्वास्थ्य और कल्याण का प्रतिनिधित्व करता है.

बगुआ दर्पण का उपयोग दरवाजे या खिड़कियों के सामने स्थापित कर आपके घर से नकारात्मक फेंग शुई ऊर्जा को वापस प्रतिबिंबित करने के लिए किया जाता है. 

बगुआ मानचित्र के प्रत्येक क्षेत्र का सारांश इस प्रकार है:

1. दक्षिणपूर्व

फेंग शुई तत्व: हवा
जीवन क्षेत्र: शक्ति, धन, प्रचुरता, और समृद्धि

यह खुशी, शांति और अवसरों का लाभ उठाने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है.

2. दक्षिण

फेंग शुई तत्व: अग्नि
जीवन क्षेत्र: प्रसिद्धि और प्रतिष्ठा

यह दर्शाता है कि लोग आपको कैसे अनुभव करते हैं और वे आपके योगदान को कैसे महत्व देते हैं. 

3. दक्षिण-पश्चिम

फेंग शुई तत्व: पृथ्वी
जीवन क्षेत्र: रिश्ते और प्यार

यह आपसी विश्वास और बिना शर्त प्यार पर निर्मित लंबे समय तक चलने वाले, सामंजस्यपूर्ण संबंधों का प्रतिनिधित्व करता है.

4. पश्चिम

फेंग शुई तत्व: धातु
जीवन क्षेत्र: रचनात्मकता, बच्चे, विरासत

यह खुशी, परिपूर्णता, रचनात्मकता और कल्पना का प्रतिनिधित्व करता है, जो आपके बच्चों के साथ आपके रिश्ते को दर्शाता है.

5. उत्तर पश्चिम

फेंग शुई तत्व: स्वर्ग
जीवन क्षेत्र: सहायक लोग, करुणा, यात्रा

यह करीबी दोस्तों और अनदेखी सहायकों से समर्थन, मार्गदर्शन और प्यार का प्रतिनिधित्व करता है. 

6. उत्तर

फेंग शुई तत्व: पानी
जीवन क्षेत्र: स्वयं, व्यवसाय, कार्य, यात्रा

यह व्यवसाय, जीवन उद्देश्य और जीवन के प्रवाह का प्रतिनिधित्व करता है.

7. उत्तर पूर्व

फेंग शुई तत्व: पर्वत
जीवन क्षेत्र: कौशल, ज्ञान, बुद्धि, सद्भाव

यह व्यक्तिगत शक्ति, ज्ञान, संसाधनशीलता, आत्म-निपुणता और आत्म-नियंत्रण का प्रतिनिधित्व करता है. यह शांत और बुद्धिमान दिमाग के बीच की कड़ी भी है.

8. पूर्व

फेंग शुई तत्व: गरज, लकड़ी 
जीवन क्षेत्र: परिवार, स्वास्थ्य, समुदाय

यह दृढ़ स्वास्थ्य, प्रेमपूर्ण पारिवारिक संबंधों, ईमानदारी, क्षमा और जीवन की नींव का प्रतिनिधित्व करता है.

9. केंद्र

फेंग शुई तत्व: पृथ्वी
जीवन क्षेत्र: स्वास्थ्य, कल्याण, संतुलन, जीवन शक्ति

यह संतुलित जीवन का प्रतिनिधित्व करता है.

4) पांच तत्व
पांच तत्व

पांच तत्व, ताओवादी परंपरा की एक अन्य प्रणाली है. पांच तत्वों को पांच चरणों के रूप में भी जाना जाता है, और पूर्ण जीवन को उन श्रेणियों में परिभाषित करती है जो परस्पर और एक-दूसरे पर आश्रित हैं. सभी पांच तत्व एक पूर्ण प्रणाली बनाते हैं, कोई भी एकल तत्व मायने नहीं रखता है. फेंग शुई में, आम तौर पर पांच तत्वों को संतुलित करना जरूरी हैं.

यहां पांच तत्वों में से प्रत्येक का सारांश दिया हैं:

पृथ्वी

  • गुण: स्थिरता, स्वयं की देखभाल, ढृढ़ता 
  • आकार: सपाट, वर्ग
  • रंग: भूरा, नारंगी, पीला
  • मौसम: परिवर्तनशील 

धातु

  • गुण: कुशलता, सटीकता, सुंदरता
  • आकार: गोल, गोलाकार
  • रंग: सफेद, चंदेरी 
  • मौसम: शरद ऋतु

पानी

  • गुण: बहावदार, धाराप्रवाह, स्थानांतरित 
  • आकार: लहरदार, सुडौल
  • रंग: काला
  • मौसम: सर्दी

लकड़ी

  • गुण: विस्तार, जीवन शक्ति, उर्ध्वगामी
  • आकार: स्तंभकार, आयताकार
  • रंग: हरा
  • मौसम: वसंत

आग

  • गुण: उत्साह, रोशन, चमकदार
  • आकार: त्रिभुज, नुकीले
  • रंग: लाल
  • ऋतु: ग्रीष्म

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