स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध – Essay on Swachh Bharat Abhiyan In Hindi

स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध - Essay on Swachh Bharat Abhiyan In Hindi

Swachh Bharat Abhiyan Essay In Hindi – स्वच्छ भारत हर भारतीय का सपना है। “स्वच्छ भारत अभियान” साल 2014 में भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है जो भारत के सभी नागरिकों को अपने घरों, समुदायों, स्कूलों, अस्पतालों आदि के साथ-साथ शहर और गांव की सफाई और स्वच्छता के लिए जागरूकता पैदा करने के लिए शुरू किया गया था।

इस अभियान का मुख्य लक्ष्य भारत को स्वच्छ बनाना और आम जनता को स्वच्छता के महत्व को समझने के लिए प्रेरित करना है। इस अभियान के तहत शहरों और गांवों की स्वच्छता के लिए भारत सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं।

Swachh Bharat Abhiyan Par Nibandh (स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध)

प्रस्तावना: 

स्वच्छता का अर्थ है साफ-सफाई। स्वच्छता से रहना इंसानों के साथ-साथ अन्य जीवों और पर्यावरण के लिए भी बहुत जरूरी है। इस बिंदु पर गौर करें तो हम बचपन से देखते आ रहे हैं कि हमारी माताएं सुबह उठकर सबसे पहले हमारे घर में झाडू लगाती हैं। और नहाने धोने का काम घर के सभी सदस्य सुबह ही कर लेते हैं।

यह स्वच्छता या सफाई का काम हमारे दैनिक जीवन में एक सहज प्रक्रिया है, क्योंकि इसके पीछे हमारे स्वस्थ शरीर को बनाए रखने की अवधारणा है।

स्वच्छ भारत अभियान क्या है? What is Swachh Bharat Abhiyan?

“स्वच्छ भारत अभियान” भारत को स्वच्छ बनाने के मुख्य उद्देश्य के साथ भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक जन आंदोलन है। यह अभियान 2 अक्टूबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा शुरू किया गया था।

स्वच्छ भारत अभियान का इतिहास – Swachh Bharat Abhiyan History In Hindi

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) ने स्वतंत्रता आंदोलन चलाकर देश को गुलामी से मुक्त कराया था लेकिन स्वच्छ भारत का उनका सपना पूरा नहीं हो सका।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के अनुसार भारत में साफ-सफाई का अभाव है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए और देश की वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2014 को राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान की शुरुआत की थी।

इस अभियान से पूरे देश में साफ-सफाई और स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों को गंदगी से मुक्त करने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छता आंदोलन का आह्वान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता आंदोलन का आह्वान करते हुए संदेश के रूप में कहा था कि हमें मातृभूमि की स्वच्छता के लिए स्वयं को समर्पित कर देना चाहिए। इसके लिए हर हफ्ते दो घंटे यानी सभी देशवासियों को हर साल 100 घंटे का योगदान देना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक और राजनीतिक नेताओं, महापौरों, सरपंचों, उद्योगपतियों से अपील करते हुए कहा कि वे शहरों, आसपास के क्षेत्रों, गांवों, कार्यस्थलों और घरों की सफाई के लिए एक कार्य योजना तैयार करें और इसे लागू करना शुरू करें।

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स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य – Swachh Bharat Abhiyan Purpose In Hindi

इस अभियान का उद्देश्य भारत को स्वच्छ बनाने के लिए जागरूकता फैलाना, स्वच्छता के महत्व को समझाना और लोगों को स्वच्छ वातावरण का अहसास कराना है।

इस अभियान के तहत, सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों, गांवों, शहरों और उपखंडों को स्वच्छ बनाने के लिए कई अभियान और पहल की जाती हैं।

इस अभियान के तहत लोगों को स्वच्छता का संकल्प लेने और इसे साफ रखने की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके अलावा इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ स्वच्छता से जुड़े रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है।

स्वच्छ भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत को स्वच्छ बनाना है, इसके लिए निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करने के प्रयास किए जाने चाहिए:

  • सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखना: स्वच्छ भारत अभियान लोगों को जागरूक करने की कोशिश करता है क्योंकि सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
  • शौचालयों की उपलब्धता बढ़ाना: स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों और शहरों में शौचालयों की संख्या बढ़ाकर स्वच्छता के मानकों को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
  • सूचना प्रसार के माध्यम से जागरूकता फैलाना: स्वच्छ भारत अभियान के तहत सभी लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया जाना चाहिए ताकि लोगों के बीच स्वच्छता आंदोलन को लागू किया जा सके।
  • शिक्षा के माध्यम से जागरूकता फैलाना: स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्कूलों और कॉलेजों में स्वच्छता अभियान चलाकर छात्रों को कम उम्र से ही स्वच्छता के लिए जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए।

इस अभियान का उद्देश्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक देश को पूरी तरह स्वच्छ बनाना था। भारत सरकार के इस अभियान में जनता के सक्रिय योगदान की महती आवश्यकता है। अभी तक स्वच्छ भारत अभियान के नतीजे अच्छे आ रहे हैं और उम्मीद है कि सरकार का यह कार्यक्रम इसी तरह सफलता हासिल करेगा।

इस अभियान का लोगो ‘गांधीजी का चश्मा’ है। महात्मा गांधी ने स्वच्छ भारत का सपना देखा था, जिसके संदर्भ में गांधी जी ने कहा था, “स्वच्छता स्वतंत्रता से अधिक महत्वपूर्ण है”। वह उस समय देश में व्याप्त गरीबी और गंदगी से अच्छी तरह वाकिफ थे, इसीलिए उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हो सके।

स्वच्छ भारत अभियान कैसे मनाया जाता है? How is Swachh Bharat Abhiyan celebrated?

स्वच्छ भारत अभियान एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है जिसका उद्देश्य भारत को स्वच्छ बनाना है। इस अभियान को मनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाते हैं:

  • स्वच्छता संचार कार्यक्रम: स्वच्छता संचार कार्यक्रम को अभियान की मूल घोषणा माना जाता है। इसमें लोगों को स्वच्छता के महत्व को समझने के लिए जागरूकता अभियान शामिल होता है।
  • जनसंचार के माध्यम से जागरूकताः स्वच्छता संचार के अतिरिक्त जन-संचार के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है।
  • स्वच्छता अभियान: स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई के लिए विभिन्न अभियान चलाए जाते हैं।
  • जनभागीदारीः स्वच्छ भारत अभियान के लिए जनभागीदारी बहुत जरूरी है। लोगों को अपने आसपास के सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
  • शिक्षा के माध्यम से: स्कूलों और कॉलेजों में स्वच्छता अभियान चलाया जाता है, जिसमें छात्रों को जागरूकता पैदा करने और स्वच्छता के महत्व को समझने के लिए शिक्षित किया जाता है।

देश में स्वछता अभियान की आवश्यकता 

भारत एक विशाल देश है जहां स्वच्छता की समस्या बहुत गंभीर है। गैर-जिम्मेदार जनता द्वारा एकत्र की गई गंदगी, कचरा, अस्वच्छता और अविनाशी वस्तुओं का उपयोग देश की स्वच्छता को बहुत नुकसान पहुंचाता है। इससे इंसानों और जानवरों में बीमारियां फैलती हैं और पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंचता है।

हमारे देश में गांवों और शहरों के आसपास के छोटे कस्बों में शौचालय नहीं हैं, झुग्गी-झोपड़ियों और स्कूलों में भी पीने के पानी शौचालयों का घोर अभाव है। खुले में शौच करने से गंदगी बढ़ती है और पीने के पानी के साथ-साथ पर्यावरण भी प्रदूषित होता है।

गंदगी के कारण स्वास्थ्य खराब रहता है और कई बीमारियां फैलती हैं। एक अध्ययन के मुताबिक देश में इस वक्त करीब 12 करोड़ शौचालयों की जरूरत है। जब की सर्वे के मुताबिक 1.56 लाख सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में शौचालय की व्यवस्था नहीं है।

ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए भारत में स्वच्छता अभियानों की आवश्यकता है। ऐसे अभियानों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता का महत्व समझाया जाता है, जिससे देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में मदद मिलती है।

यह पहल सही मायनों में भारत की सामाजिक स्थिति को बढ़ावा देने के लिए है, जिसकी शुरुआत हर जगह स्वच्छता लाकर की जा सकती है। यहां नीचे कुछ बिन्दुओं का उल्लेख किया जा रहा है जो स्वच्छ भारत अभियान की आवश्यकता को दर्शाता है।

  • स्वच्छता अभियान का प्रथम उद्देश्य शौचालयों का निर्माण एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करना है।
  • भारत के हर घर में शौचालय होना बहुत जरूरी है, साथ ही खुले में शौच की प्रवृत्ति को खत्म करने की जरूरत है।
  • नगरपालिका के कचरे का पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग, सुरक्षित निपटान, वैज्ञानिक सीवेज प्रबंधन का कार्यान्वयन।
  • अपने स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति भारत के लोगों की मानसिकता और दृष्टिकोण में बदलाव लाना और स्वच्छता की प्रथाओं का पालन करना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में वैश्विक जागरूकता लाना और आम लोगों को स्वास्थ्य से जोड़ना।
  • पूरे भारत में स्वच्छता सुविधाओं के विकास में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ाना।
  • भारत को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए अग्रेसर रहना।

निष्कर्ष 

स्वच्छ भारत अभियान एक महत्वपूर्ण अभियान है जो पूरे देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का काम करता है। ऐसे में इस अभियान का मुख्य लक्ष्य देश को गंदगी से मुक्त करना है।

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