कंगाली में आटा गीला होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Kangali Mein Aata Gila Hona Muhavara)

Kangali Mein Aata Gila Hona Muhavare Ka Matlab

कंगाली में आटा गीला होना का अर्थ – Kangali Mein Aata Gila Hona Muhavare Ka Matlab

कंगाली में आटा गीला होना मुहावरे का अर्थविपत्ति में और विपत्ति आना, समस्या पर समस्या पड़ना, मुसीबत में और मुसीबत, गरीब में और अधिक हानि होना, एक विपत्ति पर दूसरी विपत्ति आना, कमी में और कमी होना, परेशानी पर परेशानी आना।
Kangali Mein Aata Gila Hona

कंगाली में आटा गीला होना मुहावरे का अर्थ

Kangali Mein Aata Gila Hona Muhavre Ka Arth – कंगाली में आटा गीला होना का अर्थ है – विपत्ति में और विपत्ति आना, समस्या पर समस्या पड़ना, मुसीबत में और मुसीबत, गरीब में और अधिक हानि होना, एक विपत्ति पर दूसरी विपत्ति आना, कमी में और कमी होना, परेशानी पर परेशानी आना।

जब कोई व्यक्ति एक मुसीबत से बाहर भी नहीं निकलता और दूसरी मुसीबत उस पर टूट पड़ती है तो ऐसी स्थिति में कहा जाता है कि कंगाली में आटा गीला होना।

कंगाली में आटा गीला होना मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

Kangali Mein Aata Gila Hona Muhavre Ka Vakya Prayog

#1. वाक्य प्रयोग: पड़ोसी देश ने अपना सारा पैसा आतंकवाद पर खर्च कर दिया और अब उनकी अर्थव्यवस्था भी डगमगा गई है, इसे कहते हैं गरीबों का आटा गीला होना।

#2. वाक्य प्रयोग: एक तो पहले से ही व्यापार घाटे में चल रहा था और फिर कोरोना आ गया, इसे कहते हैं गरीबी में आटा गीला होना।

#3. वाक्य प्रयोग: मदन के पिता पहले से ही बीमार थे और एक तरफ आर्थिक तंगी थी और दूसरी तरफ बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी लगातार बढ़ता जा रहा था, इसे कहते हैं कंगाली में आटा गीला होना।

#4. वाक्य प्रयोग: परेश पहले से ही बेरोजगार था और उसकी मोटरसाइकिल भी चोरी हो गई थी, इसे कहते हैं गरीबी में आटा गीला होना।

#5. वाक्य प्रयोग: शर्माजी मजदूरी करके कमाते थे जिसके कारण वे कमजोर हो गये थे और जब वे डॉक्टर के पास गये तो उन्हें एक बड़ी बीमारी के बारे में पता चला जिसके लिए बहुत सारे पैसे की जरूरत थी, इसे कहते हैं कंगाली में आटा गीला करना।

मौखिक बातचीत में अक्सर मुहावरों का प्रयोग किया जाता है जो मानवीय भावनाओं को वास्तविक बनाते हैं। मुहावरों को स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है।

प्रत्येक पाठ्यक्रम में मुहावरों का अपना-अपना अनुभाग होता है, छोटी-बड़ी कक्षाओं में मुहावरों को पढ़ाया जाता है, याद कराया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसे मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

मुहावरा अधिक असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करना है। एक शब्द के कई अलग-अलग मुहावरे हो सकते हैं। यह जरूरी नहीं है कि यहां दिए गए मुहावरे ही परीक्षा में पूछे जाएंगे।

मुहावरे सभी प्रकार की परीक्षाओं की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरों की अपनी अहमियत होती है। पेपर चाहे हिंदी में हो या अंग्रेजी में, यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरों का अभ्यास करना कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। अगर इसे ध्यान से समझा जाए तो इसे याद रखने की जरूरत ही नहीं पड़ती। इसे समझ-समझ कर ही लिखा और बोलचाल में उपयोग किया जा सकता है।

😏😒 हिंदी भाषा के सभी मुहावरे (लोकोक्तियां) पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 😞😔

——————————//