ब्रह्मांड का संक्षिप्त परिचय (Brief introduction of the universe)

Brief introduction of the universe

ब्रह्मांड (Universe), अंतरिक्ष और समय के साथ वह सब कुछ है जिसे हम छू सकते हैं, महसूस कर सकते हैं, समझ सकते हैं, माप सकते हैं या सुलझा सकते हैं. इसमें जीवित जिव-जंतु, ग्रह, तारे, आकाशगंगाएं, धूल के बादल, प्रकाश और ऊर्जा के अन्य सभी रूप भी शामिल हैं. ब्रह्मांड के उत्पत्ति से पहले, समय, स्थान और कोई भी तत्व मौजूद नहीं थे.

ब्रह्मांड को तीन प्रकार के पदार्थों से युक्त माना जाता है: सामान्य पदार्थ (ordinary matter), ‘डार्क मैटर’ (dark matter) और ‘डार्क एनर्जी’ (dark energy). 

‘सामान्य पदार्थ’ में परमाणु होते हैं जो तारे, ग्रह, मानव और ब्रह्मांड में के प्रत्तेक दृश्यमान वस्तु को मिलकर बनते है. और निश्चित रूप से यह ब्रह्मांड के केवल 1% से 10% के बीच है.

‘डार्क एनर्जी’ ब्रह्मांड के कुल द्रव्यमान-ऊर्जा घनत्व का 70% हिस्सा है, इसके आलावा 25% ‘डार्क मैटर’ और 5% ‘सामान्य पदार्थ’ माना जाता है.

ब्रह्मांड में अरबों आकाशगंगाएं (Galaxy) हैं, जिनमें से प्रत्येक आकाशगंगा में लाखों या अरबों तारे समाये होते हैं. हमारे आकाशगंगा में स्थित सूर्य भी अरबों सितारों में से एक है, और हमारी आकाशगंगा भी ब्रह्मांड के अरबों आकाशगंगाओं में से एक है. तारों और आकाशगंगाओं के बीच का स्थान काफी हद तक रिक्त होता है. हालांकि, तारों और ग्रहों से दूर रिक्त स्थानों में धूल के बिखरे कण या प्रति घन सेंटीमीटर में कुछ हाइड्रोजन परमाणु मौजूद होते हैं. अंतरिक्ष (Space) विकिरण (radiation) (जैसे प्रकाश और गर्मी), चुंबकीय क्षेत्र और उच्च ऊर्जा कणों (जैसे कॉस्मिक किरणों) से भरा होता है.

ब्रह्मांड अत्यंत विशाल और सर्वदूर विस्तारित है. सूर्य से सबसे निकटतम तारे तक पहुंचने के लिए आजके आधुनिक जेट फाइटर को दस लाख वर्षो से अधिक समय लग सकता है. प्रकाश की गति (300,000 किमी प्रति सेकंड) से यात्रा करने पर भी, हमारी ‘मिल्की वे’ (milky way) आकाशगंगा को पार करने में 100,000 साल लगेंगे. हमारे ब्रह्मांड में अरबों सितारें है, लेकिन आकाशगंगा से लगभग 100,000 प्रकाश वर्ष दूर भौतिक ब्रह्मांड में निहित कुल दो खरब अन्य आकाशगंगाएं है.

भौतिक ब्रह्मांड कितना अधिक विशाल और विस्तारित है इसका अनुमान कोई भी नहीं लगा सकता, क्योंकि ब्रह्मांड की सीमाएं है भी या नहीं यह आजतक ज्ञात नहीं है. ताज़ा अनुमान के अनुसार ब्रह्मांड कम से कम 93 अरब प्रकाश वर्ष दायरे में विस्तारित है. प्रकाश वर्ष (light year) वो प्रमाण है जो मुख्यत: लम्बी दूरियों तथा दो तारों या आकाशगंगा जैसी अन्य खगोलीय वस्तुओं की बीच की दूरी मापने में प्रयोग की जाती है, एक प्रकाश वर्ष यानि एक साल में प्रकाश द्वारा पार कि गयी दुरी के बराबर है.

ब्रह्मांड का आकार हमेशा एक जैसा नहीं रहता है, ब्रह्मांड का विस्तार लगातार हो रहा है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इसकी शुरुआत एक “बड़े धमाके” से हुई थी जिसे “बिग बैंग” (big bang) कहा जाता है, जो आज से लगभग 14 अरब साल पहले घटित हुआ था. तब से, यह ब्रह्मांड आज भी निरंतर बहुत तेज गति से बाहर की ओर विस्तार कर रहा है. यहां तक की प्रख्यात वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने भी इस बात की पुष्टि की है की ब्रह्मांड लगातार बढ़ रहा है. इसलिए अंतरिक्ष का जो क्षेत्र आज हम देखते हैं, वह उस समय से अरबों गुना बड़ा है, जब ब्रह्मांड बहुत छोटा हुआ करता था. आकाशगंगाएं भी दूर तक बढ़ रही हैं साथ ही उनके बीच का अंतराल भी फैलता जा रहा है. हमारी आकाशगंगा के कई सितारों में सौर मंडल है जिसमें ग्रह होते हैं. आकाशगंगाएं समान रूप से और सभी दिशाओं में समान वितरित होती है, जिसका अर्थ है कि ब्रह्मांड की न तो कोई सिमा है और न ही कोई केंद्र है.

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