अंधों में काना राजा मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Andhon Mein Kana Raja Muhavara)

Andhon Mein Kana Raja Muhavare Ka Matlab

अंधों में काना राजा का अर्थ – Andhon Mein Kana Raja Muhavare Ka Matlab

अंधों में काना राजा मुहावरे का अर्थमूर्खों में भी कम ज्ञान वाला श्रेष्ठ ज्ञानी माना जाता है, अनपढ़ों में भी कम ज्ञान वाला व्यक्ति सम्माननीय होता है।

अंधों में काना राजा मुहावरे का अर्थ

Andhon Mein Kana Raja Muhavre Ka Arth – अंधों में काना राजा का अर्थ यह है कि मूर्खों में थोड़ा-बहुत पढ़ा-लिखा व्यक्ति, अथवा मूर्खों में अल्प ज्ञान वाला व्यक्ति सम्मान का पात्र होता है। क्योंकि वह जो ज्ञान देता हैं उसे दूसरे लोग सहजता से स्वीकार कर लेते हैं, कोई भी उसके प्रश्नों का उत्तर नहीं दे पाता।

अंधों में काना राजा मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

Andhon Mein Kana Raja Muhavre Ka Vakya Prayog

#1. वाक्य प्रयोग: गांव में जब मतदाताओं ने देखा कि चुनाव में कोई अच्छा उम्मीदवार खड़ा नहीं है तो उन्होंने अंधों में काना राजा की तरह 7वीं पास गजोधर को गांव का मुखिया चुन लिया।

#2. वाक्य प्रयोग: जहां 8वीं क्लास में ज्यादातर बच्चे फेल हो गए, वहीं दिलीप ने 50% अंक लाकर पहला स्थान हासिल किया, इसे कहते हैं अंधों में काना राजा बनना।

#3. वाक्य प्रयोग: जब गांव में बड़े-बड़े अधिकारी आते थे तो विनेश उनसे टूटी-फूटी अंग्रेजी बोलता था, और इस तरह वह अंधो मे काना राजा बन गया।

#4. वाक्य प्रयोग: जिस इंटरव्यू में ज्यादातर लोग सिर्फ हिंदी में जवाब दे रहे थे, वहां कम पढ़े-लिखे विजय ने अंग्रेजी में जवाब देकर नौकरी हासिल कर ली, इसे कहते हैं अंधों में काना राजा बनना।

#5. वाक्य प्रयोग: छोटे बच्चों के साथ क्रिकेट प्रतियोगिता जीतकर दर्शन ने खुद को अंधों में काना राजा सिद्ध कर दिया।

मौखिक बातचीत में अक्सर मुहावरों का प्रयोग किया जाता है जो मानवीय भावनाओं को वास्तविक बनाते हैं। मुहावरों को स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है।

प्रत्येक पाठ्यक्रम में मुहावरों का अपना-अपना अनुभाग होता है, छोटी-बड़ी कक्षाओं में मुहावरों को पढ़ाया जाता है, याद कराया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसे मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

मुहावरा अधिक असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करना है। एक शब्द के कई अलग-अलग मुहावरे हो सकते हैं। यह जरूरी नहीं है कि यहां दिए गए मुहावरे ही परीक्षा में पूछे जाएंगे।

मुहावरे सभी प्रकार की परीक्षाओं की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरों की अपनी अहमियत होती है। पेपर चाहे हिंदी में हो या अंग्रेजी में, यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरों का अभ्यास करना कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। अगर इसे ध्यान से समझा जाए तो इसे याद रखने की जरूरत ही नहीं पड़ती। इसे समझ-समझ कर ही लिखा और बोलचाल में उपयोग किया जा सकता है।

😏😒 हिंदी भाषा के सभी मुहावरे (लोकोक्तियां) पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 😞😔

——————————//